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महंदी सौर दाग और धूमकेतु खजाना युद्ध

Posted On: 5 Dec, 2015 Others में

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कुरआन: सूरा:अल-तारिक़….. सन्दर्भ

(तारा तारिक़) कुरआन कि इस सूरा: में “माँ के पेट (गर्भाशय में भ्रूण -विकास) बच्चे का विकास, और तारा अल-तारिक़ के विषय में है.————– अनुसंधान में ये बात भी सामने आई है कि जब ये तारा धरती के करीब से गुज़रता है,तब धरती नौ माह इसकी जद (प्रभाव) में रहती है,आश्चर्यजनक रूप से नौ माह का समय ही बच्चे के गर्भ में भ्रूण से विकास में लगता है.

तारा तारिक़ प्राचीन समय में तब आया था,उस दौरान अमेरिका की “बेबोलीन सभ्यता” नष्ट हुई थी. सुमेरियाँ और माया सभ्यता का ” सर्व-नाशक कारण भी “तारा तारिक़ ” को माना जाता है. तारा तारिक़ को अलग-अलग युग और देश-धर्म में अलग-अलग नाम से जाना जाता है,जैसी——- प्लेनेट एक्स——–निबिरू——–अनुनाकी——–मीरा——–बार्म-बुड——–जू-फ़िशा——–ओमिनस स्टार

तारा तारिक़ “जू-फ़िशा” ईसा को सलीब पर लटकाए जाने से २८ वर्ष पहले धरती से दिखाई दिया था. (Nuaim bin Hammad’s book Kitab Al-Fitan, Al-Muttaqi al-Hindi’s book Al-Burhan fi `Alamat al-Mahdi Akhir az-Zaman, p. 32)

हदीस:अबू-ज़ाफ़र से सन्दर्भ-

“अल्लाह के नवीصلى الله عليه وسل ने फरमाया कि “जब अब्बासी हाकिम “खुरासान” पहुंचेंगे,ये (इमाम ) मेहंदी के आगमन का एक संकेत (निशानी) होगा………. एक दो सींग जैसे उभार (दांतों जैसी संरचना) वाला “हल्का चमकीला” …..”पूर्व दिशा ” में दिखाई देगा. ” अब्बास खुरासान पहुचेंगे,तब एक तारा “जू-शिफा” सींग जैसा पूर्व में दिखाई देगा.ये तारा -

पहली बार जब” हज़रात नुह” की उम्मत के लोगों पर खुदा के हुक्म से “जल-प्रलय” आई.

दूसरी बार तब दिखाई दिया जब “हज़रात इब्राहीम ” को आग में फेंका गया.

तीसरी बार “पैगम्बर मूसा” के ज़माने में दिखाई दिया,तब ” फिरौन और उसका राज” नील नदी में समां गया.

चौथी बार दिखाई देनें के दौरान ,खुदा के हुक्म से पैगम्बर ज़ीक्रिया की औलाद “पैगम्बर याहिया को हलाक़” किया गया.

ये सूरज और चाँद ग्रहण के वक्त दिखाई देगा तब मिस्र में न्याय का राज्य कायम करने के लिए “इमाम मेहँदी” पैदा होंगे.

पुस्तक- (Nuaim bin Hammad’s Kitab Al-Fitan)

अली विन अबू तालिब (र.अ.) से संदर्भित हदीस-

मेहँदी तब तक नहीं आयेंगे जब तक दुनिया के (एक त्याही) १/३ जनसँख्या की हत्या न हो जाए,और (एक त्याही) १/३ जनसँख्या प्राकृतिक आपदाओं से काल-कलवित ,और शेष १/३ जनसँख्या बचे सही: मुस्लिम में अबू-हुरैरा से हदीस पैगम्बर मोहम्मद صلى الله عليه وسلم ने बताया कि ” क़यामत/हश्र का वक्त तब तक नहीं आएगा ……जब तक अरब का रेगिस्तान पुन: हरा-भरा ,और नदियाँ (पानी से लवरेज) न बहनें लगें.

क़यामत आने से पहले की एक निशानी ये है कि ” जब काले ऊंट चराने वाले चरवाहे (शीपहर्ड ऑफ़ ब्लैक कैमल ) घमंड और प्रतिस्पर्धा में ऊँची-ऊँची (गगनचुम्बी) इमारतें बनायेंगे.”

ये सर्वविदित है कि,खाड़ी देशों में (संयुक्त अरब अमीरात सहित) “खनिज तेल भंडारों के उत्खनन” से पूर्व वेहद जर्जर अर्थव्यवस्था थी,और इन देशों की आमदनी का अधिकाँश भाग “खजूरों की खेती” और “ऊंट-पालन” से प्राप्त होता था,और काले ऊंट पालने और चराने का व्यवसाय ही मुख्य आय का साधन था.

“खनिज तेल (पेट्रोलियम) उत्खनन से प्राप्त समृधि ने इन देशों की काय ही पलट दी,और यहाँ के निवासी आज “विलासिता और शान-ओ-शौकत के दंभ” और एनी देशों से प्रतिस्पर्धा में ऊँची-ऊँची इमारतें बनाने का “एक राष्ट्रव्यापी अघोषित अभियान” चला रहे हैं,अमेरिकी ट्विन-टॉवर आतंकवादी हमले (९/११) में ध्वस्त हो जाने के वाद,आज विश्व की सबसे ऊँची इमारत ” बुर्ज खलीफा” सहित सैकड़ों ऊँची-ऊँची इमारतें “दुबई,संयुक्त अरब अमीरात” में बन रही हैं…………..वर्ष २०१० में निर्मित एवं निर्माण धीन “विश्व में ऊँची इमारतों की सूची” में ८० से अधिक इमारतें दुबई,अरब अमीरात की दर्ज हैं.

01 बुर्ज खलीफा उंचाई 828 मीटर, तल १६० उपयोग बहु-उद्देशीय 2010
02 एमिरात पार्क टॉवर १ उंचाई 376 मीटर, तल 77 उपयोग Hotel 2010
(विश्व की दूसरीसबसेऊँची इमारत)

03 एमिरात पार्क टॉवर 2 उंचाई376 मीटर, तल 77 उपयोग Hotel 2010
04 अल्मास तोवेर उंचाई363 मीटर, तल 68 उपयोग Office 2009
(विश्व की २१ वीं सबसे ऊँची इमारत)

06 अहमद अब्दुल रहीम अल-अत्तार टॉवर * उंचाई 342 मीटर, तल 76 २०१०
(विश्व की २७ वीं सबसे ऊँचीइमारत)

09 अल-याकूब टॉवर उंचाई 330 मीटर, तल 72 उपयोग बहु-उद्देशीय 2010
10 द इंडैक्स * उंचाई328 मीटर, तल 80 उपयोग बहु-उद्देशीय 2009
13 ओसेयन टॉवर उंचाई310 मीटर, तल 84 उपयोग आवासीय 2010 निर्माणाधीन
16 सेंट्रल पार्क आफिस टॉवर उंचाई 294 मीटर, तल उपयोग kaaryala 2010
19 मैरीन पिनेकल उंचाई२८० मीटर, तल 73 उपयोग आवासीय 2010 निर्माणाधीन
25 सेन्ट्रल पार्क टॉवर उंचाई261 मीटर, तल 51 उपयोग आवासीय २०११ निर्माणाधीन
26 खलील अल-अत्तार टॉवर उंचाई2 260 मीटर, तल 61 उपयोग बहु-उद्देशीय 2008 निर्माणाधीन
27 द विज़न टॉवर r* उंचाई 260 मीटर, तल 60 उपयोग आवासीय 2008 निर्माणाधीन
32 अल-तायर टॉवर * उंचाई249 मीटर, तल 59 उपयोग आवासीय 2009 निर्माणाधीन
39 रोलेक्स टॉवर उंचाई 235 मीटर, तल 63 उपयोग बहु-उद्देशीय 2010
41 द वे गेट * उंचाई221 मीटर, तल 53 उपयोग बहु-उद्देशीय 2009 निर्माणाधीन
44 अल-रुस्तमानी टॉवर उंचाई 210 मीटर, तल 56 उपयोग बहु-उद्देशीय 2010
45 लतीफ़ टॉवर उंचाई 210 मीटर, तल 56 उपयोग बहु-उद्देशीय 2010 निर्माणाधीन
46 ग्रोस्वेनर हाउस उंचाई 210 मीटर, तल 48 उपयोग आवासीय 2010 निर्माणाधीन
47 प्लेटिनम टॉवर उंचाई 190 मीटर, तल44 उपयोगबहु-उद्देशीय 2011 निर्माणाधीन
70 दुबई टॉवर उंचाई 186 मीटर, तल 45 उपयोग बहु-उद्देशीय 2010 निर्माणाधीन
80 सिल्वर स्टार उंचाई180 मीटर, तल40 उपयोग बहु-उद्देशीय 2011 निर्माणाधीन

सही:बुखारी और सही: मुस्लिम में अबू हुरैरा (र.अ.) के हवाले से हदीस सन्दर्भ-

अल्लाह के नवीصلى الله عليه وسل नें कहा ” एक ऐसा समय आएगा जब अराफात (नदी,जो अब इराक में है) से सोने का खजाना (या दूसरी हदीस में सोने का पहाड़) निकलेगा,अगर तुम में से कोई उस वक्त हो,तो उस खजाने को कभी हाथ न लगाना,”

सही: मुस्लिम में अबू हुरैरा के हवाले से हदीस अल्लाह के नवीصلى الله عليه وسل नें कहा कि

” आखिरत का वक्त (क़यामत/हश्र) तब तक नहीं आ सकता,जब तक ” अराफात में सोने के पहाड़ ” न मिल जाएँ,लोग इसके लिए लड़ेंगे,और प्रत्येक हज़ार में से ९९९ मरेंगे ……….अगर तुम वहां हो,तो करीब न जाना “

” अराफात के चारो ओर,अश-शाम (सीरिया या दमिश्क) या आस-पास,एक बड़ा गुट(सेनाओं) खजाने के लिए आपस में लडेगा,प्रत्येक नौ में सात व्यक्ति मारे जायेंगे,और ये अल-हाद (विष्फोट) और अल-वाहिया(भूकंप) रमजान के महीने में होगा.तीन झंडों (तीन देशों/गुटों के सैनिक) के लोग खुद (स्वं) खजाने के हकदार बनना चाहेंगे,उनमें एक गुट में एक शख्स “अब्दुल्ला” नाम का होगा.

(नईम-इब्ने-हम्माद की पुस्तक :अल-फितना)

सही: मुस्लिम में अबू-हुरैरा से हदीस सन्दर्भ-

“अल्लाह के नवी ने कहा कि- चौथा फितना जब अठारह वर्ष का होगा,तब ये स्पष्ट होगा,जब ये स्पष्ट होगा,उस समय अराफात में सोने का पहाड़ निकलेगा जो उम्मा (मुस्लिम राष्ट्र) से इसके लिए लडेगा,प्रत्येक नौ में से सात मारे जायेंगे.





विश्व में कुछ खंडहर इमारतों का जीर्णोद्दार (उनकी पुन: मरम्मत कर पुराने और वास्तविक रूप देना) किया जाएगा,और ये विलक्षण जीर्णोद्दार घटना क़यामत(प्रलय) आने का संकेत होगा. . (Ismail Mutlu, Kýyamet Alametleri, (Signs of the Last Day), Mutlu Publications, Istanbul, 1999, p.138)

वो (इमाम मेहँदी) तब तक प्रकट न होंगे,जब तक सूरज पर कोई निशानी न दिखे. (Ibn Hajar al-Haythami, Al-Qawl al-Mukhtasar fi `Alamat al-Mahdi al-Muntazar, p. 47)

जब तक सूरज कोई निशानी लेकर न उदय (प्रात: निकलना) हो,वो (इमाम मेहँदी) प्रकट न होंगे. (Al-Muttaqi al-Hindi, Al-Burhan fi Alamat al-Mahdi Akhir al-zaman, p. 33)

इमाम मेहँदी की दो निशानियाँ हैं,पहली रमजान माह की पहली रात में “चाँद गृहण और दूसरी रमजान के महीने के बीच (मध्यान्ह) के दिन में “सूर्य गृहण” (Ibn Hajar al-Haythami, Al-Qawl al-Mukhtasar fi `Alamat al-Mahdi al-Muntazar, p. 47)

(इमाम) मेहँदी की आमद से पहले रमजान माह में दो “सूर्य ग्रहण” (अथवा एक सूर्य और एक चाँद गृहण) . (Mukhtasar Tazkirah Qurtubi)

… सूर्य गृहण माह के बीच में,और चाँद गृहण माह के अंत में (Al-Muttaqi al-Hindi, Al-Burhan fi Alamat al-Mahdi Akhir al-zaman, p. 37)

ये मैंने सुना: है,कि मेहँदी के आने से पहले रमजान माह में दो बार चाँद गृहण होगा. (Related by Abu Nu’aym in al-Fitan)

और तारा तारिक ग्रहण कि उपरोक्त विशेष परिस्थितियों में ही दिखाई देगा,जब ऐसी ही स्थिति में रमजान माह के मध्य दिवस में “पूर्ण चाँद गृहण”,और माह के अंतिम दिवसों में “पूर्ण सूर्य गृहण” होगा……..और ये क़यामत आने कि स्पष्ट और सटीक निशानी होगी.

“पूर्व में ०३ या ०७ क्रमवध्य दिनों (तर्तीव वार) आसमान में अँधेरी और अप्रत्याशित रूप से अलग तरीके की लालिमा(आम लाल रंगों से अलग,लाल रंग की चमक) आसमान में छाई होगी,
A proclamation will be heard in a language Earth can understand. (Allamah Muhaqqiq Ash-Sharif Muhammad ibn ‘Abd al-Rasul, Al-Isaatu li Asrat’is-saat, p. 166)

शव्वाल के महीने(१० वां इस्लामी माह) में अराजकता/विद्वेष/कोलाहल/हलचल होगी,ज़ुल्कदा (इस्लामी ग्यारहवां माह) में लड़ाई/युद्ध तक बात पहुंचेगी,और ज़ुल्हिज्जा ( वारहवें इस्लामी माह) में युद्ध प्रकोपित (शुरू) हो जाएगा (Allamah Muhaqqiq Ash-Sharif Muhammad ibn ‘Abd al-Rasul, Al-Isaatu li Asrat’is-saat, p. 166)

Another hadith describes the details of this war as follows:

एक राष्ट्र/जाति फारसिओं की दिशा (और से) आएगी,और कहेगी–”तुम अरब वालो ज्यादा उत्साही हो,अगर तुमने हमें हमारे देय-अधिकार नहीं दिए,तो दुनिया में तुम्हारा साथ देने वाला कोई न होगा……..ये उनके और तुम्हारे साथ होना ही है,एक दिन……..एक आपसी सहमति-समझौता (वैयत-आश्वासन) तय होगा………वे मुतेख पहाड़ (मुतेख क्षेत्रीय पहाड़ियां ईरान) पर चले जायेंगे,मुसलमान नीचे समतल मैदान (ईरान के समतल मैदान) में उतर आयेंगे ……. तब मुश्रिकुन ( विधर्मी /परधर्मी/नास्तिक) वहां काली नदी (रकाबेह- खनिज प्राकृतिक पेट्रोलियम संरक्षित भण्डार एवं उत्खनन क्षेत्र ईराक ) के दुसरे किनारे मोर्चा लिए होंगे …..तब उनसे युद्द होगा,अल्लाह दोनों सेनाओं पर मुसलामानों को गालिव(विजेता) करेगा. …
दयनीय गरीब तालिकान(अफगानिस्तान के तखन प्रांत की राजधानी)* वो जगह है,जहां अल्लाह का खजाना है,लेकिन ये सोने या चांदी का नहीं वल्कि…….यहाँ अल्लाह के वो वन्दे रहते हैं,जो हर हाल में संतुष्ट हैं लोग जो (Al-Muttaqi al-Hindi, Al-Burhan fi Alamat al-Mahdi Akhir al-zaman, p.59)

तलिकन (तालीकोन)

अफगानिस्तान के तखर प्रांत की राजधानी “तालिकान” क्षेत्र में दुनिया के सबसे “शुद्धतम सफ़ेद नमक के पहाड़” हैं,जो वेहद कठोर और शुद्ध सफेद होता है,और दुनिया का प्रत्येक देश “सफ़ेद शुद्ध नमक के लिए” केवल तालिकान पर निर्भर है.

तालिखान क्षेत्र के लोग अत्यधिक परिश्रम करने के उपरान्त भी वेहद गरीव और दयनीय स्थिति में हैं,जो लगभग तीस-तीस मील से घूमकर इन पहाड़ों से सफ़ेद नमक उत्खनन के लिए आते हैं,और यहाँ सफ़ेद नमक पूर्णतया “लोहे के हथोड़ों” के आघात से उत्खनित किया जाता है,जिसमें बहुत अधिक शारीरिक उर्जा खर्च होती है.
मेहंदी का शासनकाल धरती पर ठीक जुलकरनैन(सिकंदर महान) और खलीफा सुलेमान की तरह होगा. (Ibn Hajar al-Haythami, Al-Qawl al-Mukhtasar fi `Alamat al-Mahdi al-Muntazar, p. 29)
आशाव-ऐ-कैफ़ मेहँदी के सहयोगी होंगे (Al-Muttaqi al-Hindi, Al-Burhan fi Alamat al-Mahdi Akhir al-zaman, p. 59)
महंदी के सहयोगी उतनी अधिक संख्या में बड़ते जायेंगे,जितने तालुत नदी(जार्डन) को पार करेंगे*(Al-Muttaqi al-Hindi, Al-Burhan fi Alamat al-Mahdi Akhir al-zaman, p. 57)
अथवा महंदी के सहयोगियों की संख्या नदी पार करने के साथ ही,अल्लाह के हुक्म से बहुत अधिक हो जायेगी (तालुत-अल्लाह के हुक्म से कम संख्या का अत्यधिक संख्या में अकल्पनीय रूप से बाद जाना.

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